February 27, 2021

Virat Kohli press conference on India vs England 3rd test day night test at Motera Stadium | कोहली बोले- इंग्लिश टीम भी पिछले डे-नाइट टेस्ट में 58 रन पर ऑलआउट हुई थी, पुराना रिकॉर्ड मायने नहीं रखता

Virat Kohli press conference on India vs England 3rd test day night test at Motera Stadium | कोहली बोले- इंग्लिश टीम भी पिछले डे-नाइट टेस्ट में 58 रन पर ऑलआउट हुई थी, पुराना रिकॉर्ड मायने नहीं रखता
Virat Kohli press conference on India vs England 3rd test day night test at Motera Stadium | कोहली बोले- इंग्लिश टीम भी पिछले डे-नाइट टेस्ट में 58 रन पर ऑलआउट हुई थी, पुराना रिकॉर्ड मायने नहीं रखता


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अहमदाबादएक घंटा पहले

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भारतीय कप्तान विराट कोहली ने 24 फरवरी से शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट से पहले कहा है कि टीम इंडिया अभी सिर्फ अगले 2 टेस्ट को जीतने पर फोकस कर रही है। उन्होंने कहा कि एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछले डे-नाइट टेस्ट में 36 रन पर ऑलआउट होने का इस टेस्ट पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

कोहली ने कहा कि अगर हम 36 पर ऑलआउट हुए थे, तो इंग्लिश टीम भी अपने पिछले पिंक बॉल टेस्ट में न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड में 58 पर ऑलआउट हुई थी। उन्होंने कहा कि पिछला रिकॉर्ड कोई मायने नहीं रखता। कीवी टीम के खिलाफ 58 पर आउट होने के बाद दूसरी पारी में इंग्लैंड ने वापसी की और दूसरी पारी में 320 रन बनाए थे। हालांकि, न्यूजीलैंड ने यह मैच जीत लिया था।

‘एडिलेड को पीछे छोड़ हमने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज जीती’
तीसरे टेस्ट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोहली ने कहा कि दोनों टीमों के लिए पिछला डे-नाइट टेस्ट अच्छा नहीं रहा। अगर आप यही सवाल इंग्लैंड से पूछेंगे, तो उनका भी जवाब यही होगा। एक ऐसा दिन होता है, जब टीम परफॉर्म नहीं कर पाती। कुछ भी आपके कंट्रोल में नहीं होता। 36 पर ऑलआउट होने से पहले हमने बाकी 2 सेशन में अच्छा प्रदर्शन किया था और डॉमिनेट किया था। हमने एडिलेड को पीछे छोड़ा और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में दूसरा टेस्ट और सीरीज जीते।

स्पिन के अलावा तेज गेंदबाजी को दरकिनार नहीं किया जा सकता
कोहली ने कहा कि नए बने मोटेरा स्टेडियम में अगर बॉल स्पिन भी होती है, फिर भी तेज गेंदबाजी को दरकिनार नहीं किया जा सकता। ऐसा इसलिए क्योंकि बॉल में शाइनिंग रहती है। उन्होंने कहा कि पिंक बॉल नॉर्मल रेड बॉल से ज्यादा स्विंग होती है। बांग्लादेश के खिलाफ 2019 में डे-नाइट टेस्ट में हमने यह अनुभव किया था। पिंक बॉल से खेलना चैलेंजिंग है और इससे पिच का लेना-देना नहीं होता। बैटिंग टीम को लिए अंडर लाइट्स डेढ़ घंटे बल्लेबाजी करना मुश्किल होता है।

अंडर लाइट्स बल्लेबाजी करना बेहद मुश्किल
कोहली ने कहा कि टीम इंडिया को इंग्लैंड टीम से कोई खतरा नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि टीम इंडिया ने उन्हें उनके घर में हराया है, जहां बॉल बहुत ज्यादा स्विंग होती है। कोहली ने कहा कि नेचुरल लाइट से आर्टिफिशियल लाइट्स में ट्रांजिशन के वक्त बैटिंग करना सबसे मुश्किल होता है। दोपहर से बल्लेबाजी कर रहे खिलाड़ियों को भी अंडर लाइट्स नई बैटिंग गार्ड लेनी पड़ती है। अंडर लाइट्स बल्लेबाजी के लिए और सावधानी की जरूरत होती है।

तेज गेंदबाजों को अंडर लाइट्स ज्यादा मदद मिलती है
कोहली ने कहा कि गेंदबाजों के लिए भी कुछ ऐसे ही नियम हैं। दोपहर में उन्हें कंसिस्टेंट लाइन-लेंथ पर बॉलिंग करनी होती है। पर अंडर लाइट्स गेंदबाज अटैक करने पर जाते हैं, क्योंकि बॉल स्विंग होती है। मुझे लगता है कि एक बल्लेबाज के रूप में आपको इन बदलावों के बारे में अच्छी समझ होनी चाहिए।

वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप पर नहीं है टीम इंडिया का फोकस
कोहली ने कहा कि उनका फोकस फिलहाल वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप पर नहीं है। उन्होंने कहा कि हम अभी सिर्फ अगले 2 टेस्ट को जीतने पर ध्यान दे रहे हैं। हम कल के लिए तैयारी कर रहे हैं। 5 दिन के टेस्ट के बाद हम अगले असाइनमेंट की तैयारी करेंगे। WTC अभी काफी दूर है और इतनी दूर तक सोचने का कोई फायदा नहीं है।

WTC फाइनल के लिए 1 टेस्ट जीतना और 1 ड्रॉ कराना जरूरी
भारत को WTC फाइनल में पहुंचने के लिए अगले दो टेस्ट में से 1 जीतने और 1 को कम से कम ड्रॉ कराने की जरूरत है। चौथा टेस्ट 4 मार्च से मोटेरा स्टेडियम में ही खेला जाएगा। न्यूजीलैंड की टीम पहले ही फाइनल में पहुंच चुकी है। फाइनल जून में लॉर्ड्स में खेला जाएगा।



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