May 11, 2021

New mutant of Corona Virus । seems to be undetectable by RTPCR test । Says Doctor | RTPCR टेस्ट में पकड़ नहीं आ रहा कोरोना का नया म्युटेंट, डॉक्टर का दावा- मरीजों में लक्षण भी नए

New mutant of Corona Virus । seems to be undetectable by RTPCR test । Says Doctor | RTPCR टेस्ट में पकड़ नहीं आ रहा कोरोना का नया म्युटेंट, डॉक्टर का दावा- मरीजों में लक्षण भी नए


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28 मिनट पहले

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यूपी के लखनऊ में कोरोना केस तेजी से बढ़ रहे हैं। चार बाग रेलवे स्टेशन पर यात्री का तापमान नापता हेल्थ वर्कर। - Dainik Bhaskar

यूपी के लखनऊ में कोरोना केस तेजी से बढ़ रहे हैं। चार बाग रेलवे स्टेशन पर यात्री का तापमान नापता हेल्थ वर्कर।

जिस तेजी से देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं, उसी तेजी से वायरस भी अपनी संरचना बदल रहा है। वायरस के डबल और ट्रिपल म्युटेंट RTPCR जांच में भी पकड़ नहीं आ रहे हैं। दिल्ली के हेल्वेटिया मेडिकल सेंटर के डॉक्टर सौर्यादीप्त चंद्रा ने बताया कि कोरोना के दूसरे और तीसरे म्युटेंट की संरचना में इतने बदलाव आ गए हैं कि RTPCR टेस्ट नए वायरस को पहचान पाने में सक्षम नहीं है।

नए वायरस से संक्रमित मरीज के अंदर लक्षण भी बदल गए हैं। अब कोरोना मरीजों में त्वचा में निशान पड़ना, आंखों में संक्रमण होना, भ्रम की स्थिति पैदा होना, सोचने-समझने की शक्ति कम होना, हाथ और पैरों की उंगलियों का नीला पड़ना, नाक और मुंह से खून निकलना जैसे लक्षण भी देखे जा रहे हैं। साथ ही लंबे समय से स्वाद और सूंघने की शक्ति कम होना, दस्त, पेट दर्द, गले में खराश, शरीर में दर्द और बुखार जैसे लक्षण तो देखें ही जा रहे हैं।

महाराष्ट्र- दिल्ली में ट्रिपल म्यूटेंट वैरिएंट बना परेशानी
कोरोना का नया वैरिएंट परेशानी बन गया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, देश में अब कोरोना का ट्रिपल म्यूटेंट वैरिएंट फैल रहा है। कोरोना के तीन अलग-अलग स्ट्रेन से ये नया वैरिएंट बना है। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली, बंगाल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में लोग इसी वैरिएंट का शिकार हो रहे हैं।

असम के नगांव में महिला को कोरोना वैक्सीन का पहला डोज लगाती हेल्थकेयर वर्कर।

असम के नगांव में महिला को कोरोना वैक्सीन का पहला डोज लगाती हेल्थकेयर वर्कर।

कोवैक्सिन है सबसे असरदार
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ICMR ने कोवैक्सिन को कोरोना के डबल म्यूटेंट पर भी असरदार माना है। अपनी स्टडी के आधार पर ICMR ने कहा कि ब्राजील वैरिएंट, UK वैरिएंट और दक्षिण अफ्रीकी वैरिएंट पर भी ये वैक्सीन असरदार है और उनके खिलाफ भी यह प्रोटेक्शन देती है।

थर्ड फेज के क्लिनिकल ट्रायल में कोवैक्सिन 78% तक प्रभावी
कोरोना वैक्सीन बनाने वाली हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने कोवैक्सिन के तीसरे फेज की अंतरिम क्लिनिकल ट्रायल रिपोर्ट जारी कर दी है। रिपोर्ट में भारत में निर्मित कोवैक्सिन को क्लिनिकली 78% और कोरोना से गंभीर रूप से प्रभावित मरीजों पर 100% तक प्रभावी बताया गया है। कंपनी ने अपने दूसरे विश्लेषण में कोरोना के 87 सिंप्टम्स पर रिसर्च किया था।

बाद में बढ़ते संक्रमण के बाद कंपनी ने तीसरे फेज के लिए 127 लक्षणों पर विश्लेषण किया। इसमें कोवैक्सिन की एफिकेसी 78% तक पाई गई। कंपनी वैक्सीन के अंतिम रिपोर्ट जून में जारी करेगी। तीसरे फेज की स्टडी में 18-98 साल के बीच के 25,800 लोगों को शामिल किया गया, जिसमें 10% 60 साल से अधिक उम्र के लोग शामिल हुए।

ट्रायल के नतीजे काफी बेहतर आए थे
स्वदेशी कोवैक्सिन के ट्रायल का नतीजा काफी बेहतर निकला है। फेज-3 के क्लिनिकल ट्रायल्स के आखिरी नतीजे के अनुसार यह वैक्सीन 81% तक असरदार साबित हुई है। सरकार ने जनवरी के पहले हफ्ते में वैक्सीन को इमरजेंसी अप्रूवल दिया था। सरकार का यह फैसला विशेषज्ञों के निशाने पर था क्योंकि वे फेज-3 के नतीजे देखे बिना इमरजेंसी अप्रूवल के खिलाफ थे।

हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के साथ मिलकर यह वैक्सीन डेवलप की है। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई मंत्रियों ने हाल ही में कोवैक्सिन के ही डोज लिए हैं।

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