May 11, 2021

A glacier has burst । near Uttarakhand’s Joshimath । India-China border | भारत-चीन बॉर्डर के पास हादसा; जोशीमठ की जिस सड़क पर दुर्घटना हुई, वहां काम कर रहे थे कई मजदूर

A glacier has burst । near Uttarakhand’s Joshimath । India-China border | भारत-चीन बॉर्डर के पास हादसा; जोशीमठ की जिस सड़क पर दुर्घटना हुई, वहां काम कर रहे थे कई मजदूर


  • Hindi News
  • National
  • A Glacier Has Burst । Near Uttarakhand’s Joshimath । India China Border

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

देहरादून31 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
तस्वीर फरवरी में चमोली में हुई ग्लेशियर टूटने की घटना के बाद चले सर्च ऑपरेशन की है। (फाइल) - Dainik Bhaskar

तस्वीर फरवरी में चमोली में हुई ग्लेशियर टूटने की घटना के बाद चले सर्च ऑपरेशन की है। (फाइल)

उत्तराखंड में भारत-चीन बॉर्डर से लगी चमोली जनपद के जोशीमठ में ग्लेशियर टूटकर मलारी-सुमना सड़क पर आ गया है। ये जानकारी बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) के कमांडर कर्नल मनीष कपिल ने दी है। उन्होंने कहा कि यहां सड़क निर्माण का काम चल रहा था, लेकिन हादसे में काम कर रहे मजदूरों को नुकसान नहीं पहुंचा है। ग्लेशियर टूटने का कारण भारी बर्फबारी को माना जा रहा है। हादसे की वजह से जोशीमठ-मलारी हाईवे भी बर्फ से ढक गया है।

फरवरी में आ चुका है जल प्रलय
इससे पहले उत्तराखंड में 7 फरवरी 2021 की सुबह साढ़े 10 बजे चमोली जिले के तपोवन में ग्लेशियर टूटकर ऋषिगंगा नदी में गिरा था। हादसे के बाद 50 से ज्यादा लोगों की लाश मिली थी, जबकि 150 से ऊपर लोग ऐसे थे, जिनका हादसे के बाद कोई पता नहीं चल पाया। प्रशासन ने कुछ दिन तक चली खोजबीन के बाद इन्हें भी मृत मान लिया था। नदी में ग्लेशियर गिरने से धौलीगंगा पर बन रहा एक बांध बह गया था। तपोवन में एक प्राइवेट पावर कंपनी के ऋषिगंगा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट और सरकारी कंपनी NTPC के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा था। आपदा में सबसे ज्यादा नुकसान यहीं हुआ था।

चीन सीमा तक पहुंचाने वाला पुल टूटा था
देवभूमि उत्तराखंड में करीब साढ़े सात साल बाद कुदरती कहर दिखा था। चमोली जिले की कुल आबादी 3.90 लाख है। हरा-भरा और पहाड़ों का खूबसूरत नजारा इसकी पहचान है, लेकिन उस हादसे ने सबको झकझोर दिया था। तबाही रैणी गांव के पास शुरू हुई थी। यहां से ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट को तबाह करने के बाद सैलाब आगे बढ़ा और भारत-चीन को जोड़ने वाला ब्रिज बहा ले गया। ये ब्रिज एकमात्र जरिया था, जिससे हमारे सैनिक चीन बॉर्डर पर पहुंचते थे। ब्रिज टूटने से आस-पास के 12 गांवों से कनेक्शन भी टूट गया था।

खबरें और भी हैं…



Source link

You may have missed